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India से Schengen Visa कैसे लें? 🇪🇺 | Europe Travel Guide | Step-by-Step Process



यूरोप घूमने का सपना है, लेकिन Schengen Visa का प्रोसेस समझ नहीं आ रहा?


तो आज मैं आपको India से Schengen Visa लेने की पूरी और सही प्रोसेस स्टेप-बाय-स्टेप समझाने वाला हूँ।

क्या आप जानते हैं कि Schengen Visa का नाम किसी देश से नहीं, बल्कि एक छोटे से गाँव से आया है? 

इस गाँव का नाम है Schengen Village, जो Luxembourg में स्थित है।


साल 1985 में, इसी गाँव में कुछ यूरोपीय देशों ने एक ऐतिहासिक समझौते पर साइन किया, जिसे आज हम Schengen Agreement के नाम से जानते हैं। इस समझौते का मकसद था—यूरोप के देशों के बीच बॉर्डर फ्री ट्रैवल, यानी बिना वीज़ा का सफ़र।

आज Schengen Village एक symbol है—यूरोप की एकता, आज़ादी और आसान यात्रा का।

एक छोटा सा गाँव… और उसका असर पूरे यूरोप पर!

🗺️ Schengen Visa क्या होता है?


Visa एक ऐसा वीज़ा है, जिसकी मदद से आज आप France, Germany, Italy, Spain, Netherlands, Switzerland, Austria और बुल्गारिया जैसे कई दूसरे देश।

🧭 Step 1: सही देश की Embassy चुनें

इसमें पहला स्टेप यह है कि आपको उसी देश की Embassy या VFS Global / BLS International से Visa Center से Visa अप्लाई करना होता है:

  • जहाँ आप सबसे ज़्यादा दिन रुकने वाले हैं
    या फिर

  • जहाँ से आप Schengen Area में पहली बार एंट्री करने वाले हैं

मतलब उदाहरण के लिए अगर मान लिया जाए कि आप अपनी यात्रा जर्मनी से शुरू करेंगे और उसके बाद स्विट्ज़रलैंड होते हुए इटली जाएंगे तो आपको अपनी वीज़ा जर्मनी से अप्लाई करनी चाहिए, पर अगर आप स्विट्ज़रलैंड या इटली में जर्मनी से ज़्यादा दिन रुकना चाहते हैं तो जिस देश में सबसे ज़्यादा दिन रुकने वाले हैं, वहां की एम्बेसी  या फिर VFS Global सेंटर से भी वीसा अप्लाई कर सकते हैं!

📌 Visa Centers: VFS Global / BLS International

📄 Step 2: Schengen Visa के लिए ज़रूरी Documents

  1. जिसमे पहले नंबर पर है Valid Passport जो कम से कम 6 महीने वैलिड हो

  2. अगर Old Passports है तो उसकी कॉपी

  3. तीसरे नंबर पर Visa  Application Form, इसे भरने के लिए अलग से एक वीडियो बना दूँगा, जिससे कि कहीं कोई कन्फ़्यूज़न नहीं रहे।

  4. चौथे नम्बर पर आता है Passport Size Photos, Schengen standard के हिसाब से खींचा हुआ होना चाहिए। जिसका साइज 35x45mm (width x height) होना चाहिए और यह ध्यान रखना है कि फोटो में फेस 70-80% तक विज़िबल होना चाहिए और शैडो विज़िबल नहीं होनी चाहिए, बैकग्राउंड वाइट या फिर लाइट कलर का होना चाहिए, धार्मिक मामलों के अलावा हैड स्कार्फ़ नहीं पहना होना चाहिए और अगर मेडिकली बहुत ज़रूरी न हो तो चश्मा भी पहना हुआ नहीं होना चाहिए, बेहतर है कि बिना चश्में के ही फोटो खिंचवा लें।
  5. इसके अलावा Confirmed Flight Reservation और 

  6. Hotel Booking या फिर Invitation Letter जमा करना है।

  7. कम से कम 30,000 यूरो का Travel Insurance coverage ज़रूर बुक करना है, जो कि आमतौर पर 6 हज़ार से 10 हज़ार के बीच में मिल जाएगा।

  8. इसके अलावा Day-wise Travel आइटिनरी बनानी हैं, इसमें आपको बताना है कि आप किस दिन कहाँ और किस साधन से घूमने जा रहे हैं, अगर आपने प्राइवेट टेक्सी बुक की हैं या बस / ट्रेन पास बनवा लिया है तो उसकी डिटेल्स भी देनी हैं। आइटिनरी के लिए भी जल्दी ही अलग से एक वीडियो बना दूँगा, क्योंकि यह बहुत बाई इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट है।

  9. Proof of Funds, जिसमें

  • Last 6 months की बैंक statement जिसमें घूमने और रहने के लिए सफ़ीशियंट फंड्स मौजूद हों
  • पिछले 3 साल की ITR और अगर नौकरीपेशा हैं तो 6 महीने की लेटेस्ट सैलरी slips लगानी है।

  • इसके अलावा अगर आप कोई और ऐसा डॉक्यूमेंट लगा सकते हैं, जिसमें आपके फंड्स का प्रूफ हो या फिर पता चलता हो कि आप वापिस इंडिया आएंगे जैसे कि अपनी प्रॉपर्टी के वैल्यूएशन सर्टिफिकेट CA से बनवा कर लगा सकते हैं। 

10.    और आखिरी में है Covering Letter, यह बहुत ही important है

✍️ Step 3: Covering Letter कैसे लिखें? 

हाँ दोस्तों, covering letter को हल्के में मत लेना — Embassy के सामने यही आपकी story होती है ।
Covering letter में आप visa officer को बताते हो कि 
    • आप Europe क्यों जाना चाहते हो,
    • कहाँ-कहाँ जाओगे
    • आपके प्रूफ ऑफ फंड्स क्या हैं और फंड कहां से आएगा, मतलब खर्च कौन उठाएगा
    • और सबसे important — वापस India क्यों आओगे मतलब India वापस लौटने का strong reason देना है जैसे Job, Business, Family etc.
दरअसल वीजा ऑफिसर यह देखता है कि आप यहाँ अपने मुल्क में वेल सेटल्ड हैं या नहीं, कहीं आप घूमने की जगह वहाँ जाकर रहने के लिए तो वीज़ा नहीं ले रहे हैं। इसलिए आपके डॉक्यूमेंट्स यह बोलने चाहिए कि आप घूम फिर कर अपने तय वक्त पर वापिस आ जाएँगे। मतलब आपके पास वापिस आने का सॉलिड रीज़न होना चाहिए।

इसमें आपको  Job, business, family ties को clearly mention करना है।


🗓️ Step 4: Visa Appointment बुक करें

  • VFS या BLS की वेबसाइट पर जाएँ

  • Country select करें

  • Date & time बुक करें

  • Appointment letter print करें

 

Processing Time Reality
  • Appointment वाले दिन थोड़ा जल्दी पहुँचना है,
  • Documents neatly arrange करके रखना 
  • और chill रहना।
वहां आपकी Biometrics होती है — Fingerprints लिए जाते हैं, Photo खींचती है —
और बस, आपका काम almost खत्म।

अब शुरू होता है Waiting Game… 

Generally 15–20 Working Days में Result आ जाता है,
लेकिन Peak Season में थोड़ा ज़्यादा Time भी लग सकता है।



वीज़ा प्रोसेस में आप ये Mistakes बिल्कुल मत करना: 

क्योंकि इन गलतियों से visa reject हो जाता है, जिसमे 

  • Fake bookings

  • Insufficient funds

  • Weak travel plan

  • Incomplete documents और Overconfidence जैसी बातें आती हैं

Visa Approval के Chances कैसे बढ़ाएँ?

  • जेन्युइन रहो, honest रहो
  • और documents strong रखो —
  • Visa मिलना difficult नहीं है।

अगर आप भी Europe trip plan कर रहे हो, तो इस ब्लॉग को Save कर लो — काम आएगा।

पसंद आया हो तो Share ज़रूर करना —
क्योंकि यहाँ हम बात करते हैं Real Travel, Real Experiences और Smart Planning की।
“See you in the next travel vlog —
Until then, keep travelling!”

 






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Travel Vlog: यूरोप का सबसे पुराना शहर Plovdiv, Bulgaria 🇧🇬



आज हम बात कर रहे हैं यूरोप के सबसे पुराने और सबसे खूबसूरत शहरों में से एक—Plovdiv, Bulgaria की। मैंने दुनिया के बहुत से शहर देखें हैं, पर सच बताऊँ—Plovdiv ने मेरी ट्रैवल लिस्ट में एक अलग ही जगह बना ली है।


सबसे पहले आपको बताता हूँ कि यहाँ आने से पहले आपको किन किन बातों का ख्याल रखना है। यहाँ आने और रहने में एक औसत खर्च करने के हिसाब से कितना खर्च आ जाएगा। 



प्लॉवदीव बुलगारिया का शहर है और बुल्गारिया 2024 से शेनगन जोन (Schengen Zone) में आता है, इसलिए यहाँ घूमने के लिए आपके पास शेनगन वीज़ा होना ज़रूरी है। आप इंडिया से VFS ग्लोबल के लिए डायरेक्ट बुल्गारिया के लिए भी वीज़ा अप्लाई कर सकते हैं या फिर आप ग्रीस, रोमानिया या फिर इटली जैसी किसी और शेनेगन कंट्री से घूमते हुए भी यहाँ आ सकते हैं। इसके अलावा तुर्किए के शहर इस्तांबुल से भी गहन बस या डायर एरोप्लेन के ज़रिए यहाँ पहुँच सकते हैं। 


घूमने के प्लान से एक महीना पहले ही वीसा के लिए अप्लाई कर दें तो बेहतर है, बुल्गारिया से शेनेगन वीज़ा में थोड़ा वक्त लग सकता है, मुझे C  टाइप वीज़ा मिलने में 20 वर्किंग डे लगे थे, जो कि शोर्ट टर्म वीज़ा होती है और सभी शेनगन काउंटी में वैलिड होती है। वीसा अप्लाई करने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसके ऊपर मैं अलग से एक वीडियो बना दूँगा, जिससे कि आपका सफ़र आसान रहे।


मैंने दिल्ली से सोफिया के लिए फ्लाइट का टिकट इंडिगो से लिया था जो कि सामान्यत: एक तरफ़ का 20 हज़ार के आसपास का पड़ता है। पर इन दिनों वापसी का टिकट मुझे 37 हज़ार का पड़ा जो कि नार्मल प्राइस से डबल का है, इसलिए एडवांस में बुकिंग करवा लेना सही तरीका है।


यहाँ आने से पहले ही E-Sim बुक कर लेना चाहिए। जिससे कि यहाँ पहुंचकर टेक्सी लेना आसान रहे। यहाँ आने से पहले ही Booking.com जैसी किसी वेबसाइट से होटल और कैब बुक कर लेना चाहिए। सोफिया भी एक बेहद खूबसूरत शहर है, आप सोफिया घूमने के बाद भी Plovdiv आ सकते हैं या फिर वापसी में सोफिया एक्सप्लोर कर सकते हैं।


सोफिया से Plovdiv के लिए टैक्सी के अलावा बस या फिर ट्रेन से भी सफ़र किया जा सकता हैं। पर उसके लिए एयरपोर्ट से बस स्टैंड या फिर ट्रेन स्टेशन जाना पड़ेगा। मुझे टैक्सी से यहाँ आना ज़्यादा बेहतर लगा, क्योंकि मेरे साथ फ़ैमिली भी थी और हमारा कुल खर्च भी 60 euro आया।


यहाँ हमने रुकने के लिए होटल की जगह फ्लैट बुक किया था, क्योंकि हमें किचन चाहिए थी, इसमें सेल्फ चेकइन होती है। उन्होंने ईमेल पर एक लिंक भेजा था, जिसे खोलने पर इंस्ट्रक्शन, वाईफाई का पासवर्ड और चाबियों के बॉक्स का पासवर्ड था। 


पर हमारे फ़ोन में इंटरनेट नहीं चल पा रहा था, इसलिए वो लिंक ही नहीं खुल रहा था। ड्राइवर को हॉटस्पॉट का मतलब भी नहीं पता था और उसका फ़ोन लोकल लैंग्वेज में था, इसलिए मैंने किसी तरह हॉटपॉट तो ऑन कर लिया पर पासवर्ड नहीं ढूँढ पाया। किसी तरह मैनेज करके चेक इन किया, पर अपार्टमेंट देखकर दिल खुश हो गया।


Plovdiv यूरोप के सबसे पुराने शहरों में से एक है, जिसे आप “Cultural Heart of Bulgaria” भी कह सकते हैं। Plovdiv का मशहूर TSAR यानी ज़ार सेमोन गार्डन, हमारे होटल से मात्र 250 मीटर की दूरी पर ही स्थित है, इसलिए हम पैदल ही पहुँच जाएँगे।


बुल्गारिया की कुल जनसंख्या तक़रीबन 65 लाख है, जो कि हमारे किसी छोटे शहर से भी कम है, जबकि Plovdiv की जनसंख्या सिर्फ़ साढ़े तीन लाख है। अगर आप यूरोप में भीड़ से दूर, शांत, खूबसूरत और हिस्ट्री से भरा कोई शहर ढूंढ रहे हैं, तो Plovdiv आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है।


Plovdiv दुनिया के उन शहरों में से एक है जो Rome से भी पुराना है, लगभग 8000 साल पुराना इतिहास, थ्रेसियन सभ्यता, रोमन साम्राज्य, ओटोमन काल और फिर मॉडर्न बुल्गारिया — Plovdiv हर दौर को अपने अंदर समेटे खड़ा है।

Tsar यानी ज़ार सिमोन गार्डन – शहर के दिल में बसी एक शांत और खूबसूरत जगह है 

अगर आप Plovdiv घूमने आए हैं और थोड़ी देर शहर की भीड़-भाड़ से दूर शांत वातावरण में समय बिताना चाहते हैं, तो Tsar यानी ज़ार सिमोन गार्डन आपके लिए परफेक्ट जगह है। 1892 में बनाए गए इस खूबसूरत गार्डन को Plovdiv के सबसे पुराने और आकर्षक पार्कों में गिना जाता है। इसे अक्सर “शहर का ग्रीन हार्ट” भी कहा जाता है।

इतिहास की खुशबू से भरा हुआ गार्डन

ज़ार सिमोन गार्डन को पहली बार 19वीं शताब्दी के अंत में प्रसिद्ध स्विस लैंडस्केप आर्किटेक्ट Lucien Chevallaz ने डिजाइन किया था। उस समय Plovdiv में पहली इंटरनेशनल फेयर आयोजित हुई थी और इसी के लिए शहर को एक शानदार सार्वजनिक बाग की जरूरत थी। तब से लेकर आज तक गार्डन अपनी ऐतिहासिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए मशहूर है।

मुख्य आकर्षण – Singing Fountains

ज़ार सिमोन गार्डन का सबसे बड़ा आकर्षण है Singing Fountains। गर्मियों की शामों में यहां पानी, रोशनी और संगीत का बेहतरीन शो देखने को मिलता है।

  • शो आमतौर पर फ़्राइडे और सैटरडे की रात, लगभग 9 बजे के बाद शुरू होता है (सीज़न के अनुसार समय थोड़ा बदल सकता है)।

  • रंग-बिरंगी रोशनी और बैकग्राउंड म्यूज़िक मिलकर ऐसा माहौल बना देते हैं कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है।

यह जगह खासकर फैमिली, कपल्स और फोटोग्राफर्स के लिए बेहद आकर्षक है।

शांति, प्रकृति और खूबसूरती

गार्डन के अंदर लंबी-लंबी वॉकिंग पाथ, हरे-भरे पेड़ और सजी-धजी फ्लावर बेड किसी भी विज़िटर को आराम महसूस कराते हैं।

  • बेंचों पर बैठकर आप घंटों बिता सकते हैं।

  • छोटे-छोटे तालाब, ऐतिहासिक मूर्तियाँ और पुरानी शैली की लाइट्स गार्डन को एक रोमांटिक टच देती हैं।

  • बच्चों के लिए खेलने की जगह और खुले लॉन परिवारों के लिए इसे और भी खास बनाते हैं।

लोकेशन – बिल्कुल सिटी सेंटर में

ज़ार सिमोन गार्डन, Plovdiv के सेंट्रल एरिया में बना है—यानी यहाँ पहुँचना बहुत आसान है।
यह Central Railway Station के पास और Main Pedestrian Street के बिल्कुल बगल में आता है। इसलिए घूमते-घूमते यहां आना बहुत सुविधाजनक है, या फिर आप मेरी तरह अपना सफ़र यहाँ से भी शुरू कर सकते हैं।

आप यहाँ

  • मॉर्निंग वॉक या ईवनिंग स्टॉल, फाउंटेन शो का आनंद लेने, फोटोग्राफी, बच्चों के साथ पिकनिक, शांति में बैठकर शहर की हवा महसूस करने के लिए और 

  • प्लोवदिव की लोकल लाइफ़ को करीब से देखने के लिए आ सकते हैं

साल के किसी भी मौसम में गार्डन सुंदर लगता है, अभी तो ठंड शुरू हो चुकी है, पतझड़ का मौसम है, पर मई से सितंबर के महीनों में इसकी हरियाली और फाउंटेन शो इसे और भी खास बना देते हैं।

अगर आप Plovdiv में हैं, तो Tsar Simeon Garden ज़रूर देखें—यह उन जगहों में से है जो आपको शहर की असली खूबसूरती और शांत माहौल में डुबो देती हैं।


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मेरी कोच्चि और कुमारकोम यात्रा


किस की तलाश है हमें, किस के असर में हैं।
जब से चले हैं घर से, मुसलसल सफ़र में हैं।

तो दोस्तों, आज हम निकल पड़े हैं एक नए सफ़र पर। मंज़िल है केरल का खूबसूरत शहर कोच्चि, जिसे बहुत से लोग कोचीन के नाम से भी जानते हैं। इस सफ़र में हम आपको दिखाएंगे कोच्चि की कुछ बेहतरीन जगहें, वहां तक पहुंचने के तरीके और उन नज़ारों की झलक, जिनकी वजह से दुनिया भर के लोग यहां खिंचे चले आते हैं।

सुबह के तीन बजे हैं। बैग पैक हो चुका है, कैमरा तैयार है और दिल में एक नई मंज़िल को देखने का उत्साह। चलिए फिर, शुरू करते हैं यह खूबसूरत सफ़र।

मैंने इंडिगो की फ्लाइट ली, हवाई सफर में टेक ऑफ और लैंडिंग का नज़ारा मुझे हमेशा रोमांचित करता आया है और इसीलिए मैं हमेशा विंडो सीट लेता हूं। हालांकि Aisle Seat लेने पर फ्लाइट में टहलने और वाशरूम वगैरह जाने में आसानी रहती है, पर विंडो सीट का अपना ही मज़ा है। सफर अगर लंबा है तो मैं विंडो पर सर टिका कर सो भी जाता हूं।


सुबह एकदम निकलने को है, IGI एयरपोर्ट के ऊपर से आगे जाते हुए नज़ारा बहुत ही दिलकश है। मैने 10 दिन पहले ही टिकट बुक करा लिया था इसलिए मुझे नई दिल्ली से कोचीन के लिए इकोनॉमी क्लास का एयर टिकट लगभग 8 हज़ार का पड़ा है, बिजनेस क्लास में 16 के करीब का ऑप्शन था। बाई एयर दिल्ली से कोच्चि लगभग 3 घंटे का सफर है।


अगर आप ट्रेन से जाना चाहते हैं तो नई दिल्ली से केरल एक्सप्रेस से सफर कर सकते हैं जो कि एर्नाकुलम टाउन तक की सबसे तेज़ ट्रेन है और लगभग 44 घंटे 45 मिनट में 2811 किलोमीटर की दूरी तय करती है। जिसमें सेकंड एसी का किराया लगभग 3500 और थर्ड AC का किराया 2500 रुपए के करीब आता है।


कोच्चि लक्षद्वीप सागर के तट पर बसा हुआ एक बड़ा बंदरगाह शहर है। कोच्चि को एर्नाकुलम भी कहा जाता है, जिसका मतलब शहर का मुख्यभूमि भाग यानी Main land part है। कोच्चि नगर निगम तकरीबन 95 स्क्वायर किलोमीटर के एरिया में फैला हुआ है। कोच्चि केरला स्टेट का दूसरा सबसे ज्यादा पॉपुलेशन वाला शहर है, हालांकि शहरी आबादी के हिसाब से यह केरल का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। साल 2024 के अंत तक यहां के मेट्रो क्षेत्र की आबादी 35 लाख होने का अनुमान है।


कोच्चि 14वीं शताब्दी से ही भारत की पश्चिमी तटरेखा का मसालों के व्यापार का सेंटर रहा है, अरब सागर की रानी' के नाम से मशहूर कोच्चि टॉप रेटेड इंटरनेशनल टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में से एक है जहाँ छुट्टियां मनाने आने वालों को प्री हिस्टोरिक, ऐतिहासिक और आधुनिक युग की झलक बेहद करीब से देखने के लिए मिलती है। 


कोच्चि असल में केरल का दिल है। यह शहर की फाइनेंशियल कैपिटल है जहाँ आईटी सहित कई अन्य कारोबार फल-फूल रहे हैं क्योंकि यह देश के प्रमुख बंदरगाह शहरों में से एक है। इस Metropolitan City में वह सब कुछ है जो किसी भी मौसम में आपंका मन लुभा सकता है जैसे कि मेट्रो शहर की सुविधाएँ, कुदरत की खूबसूरती और यहां का अमेजिंग कल्चर। अगर आप रोमांचक यात्रा करना चाहते हैं या फिर सुकून भरी छुट्टी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, यकीन मानिए यहां आपको निराश हाथ नहीं लगेगी।


कोची इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिलकश सी जगह है, जो कि अपने रख रखाव में किसी भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मुकाबला कर सकता है। बेहद खूबसूरत कोच्चि एयरपोर्ट से चेराई बीच की दूरी 27 किलोमीटर है, अगर आप टैक्सी से जाते हैं तो तकरीबन एक घंटा वहां पहुंचने में लगेगा। चेराई बीच कोच्चि में सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली जगहों में से एक है। चेराई बीच कोच्चि लोगों को शहर की भीड़-भाड़ से दूर आराम करने का मौक़ा देता है । शाम के समय चेराई बीच पर जाने का सबसे अच्छा वक्त होता है, जहां आप खूबसूरत सूर्यास्त यानी सन सेट देख सकते हैं।

आप यहां से वाइपिन द्वीप भी जा सकते हैं, वाइपिन द्वीप कोच्चि का बहुत मशहूर पर्यटन स्थल है. यह एक अवरोधक द्वीप यानी barrier islands बनाता है जो पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में पेरियार नदी की सहायक नदियों से घिरा हुआ है. यह आइलैंड लगभग 27 किलोमीटर लंबा है और अपनी कुदरती खूबसूरती, प्राचीन समुद्र तटों और मछली पकड़ने वाले गांवों के लिए मशहूर है. वाइपिन द्वीप पर कई पर्यटन स्थल हैं, जैसे कि चेराई बीच भी यहीं पड़ता है, जिसके बारे में मैने ऊपर बताया।


यहां आप Munambam Fishing Harbour भी घूम सकते हैं जो कि कोच्चि का सबसे बड़ा मछली पकड़ने वाला बंदरगाह है। इसके अलावा आप यहां एलमकुन्नापुझा सुब्रह्मण्य मंदिर, चेराई मंदिर, पालथनकुलंगरा देवी मंदिर, अजीकल वराहमूर्ति मंदिर, पुथुवाइप स्थित लाइटहाउस, सहोदरन अय्यप्पन स्मारकम, क्रूज़ मिलग्रेस चर्च, कुझुप्पिली बीच और पल्लीपुरम किला घूम सकते हैं।


इसके अलावा डच पैलेस और बोलघट्टी द्वीप भी घूमने के लिए बेहतरीन जगह हैं। इनके साथ साथ शानदार बैकवाटर से घिरा तथा मानव निर्मित विलिंगडन द्वीप भी बेहद खूबसूरत है। इस द्वीप का नाम भारत के भूतपूर्व ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड वेलिंगडन के नाम पर रखा गया था। यहाँ फोर्ट कोच्चि बीच भी बहुत मशहूर है, साथ ही साथ आप कोडानाड एलिफेंट ट्रेनिंग सेंटर भी जा सकते हैं। केरल कुदरती खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो कोच्चि मंगलवनम बर्ड सेंचुरी ज़रूर जाइए। और अगर आप कोच्चि आए और मरीन ड्राइव नहीं गए तो फिर क्या ही किया… जल्दी हीं सभी पर्यटन स्थलों पर अलग अलग डीटेल वीडियो बनकर आपके साथ शेयर करूंगा।


कोची इंटरनेशन एयरपोर्ट से हमारे डेस्टिनेशन द जूरी कुमारकोम केरला स्पा एंड रिजॉर्ट की दूरी लगभग 73 किलोमीटर दूर है। अगर आप रेलमार्ग या फिर बस से सफर करना चाहते हैं निकटतम टर्मिनल कोट्टायम में है। 


The Zuri Kumarakom Kerala Spa & Resort पहुंचने पर हमारा स्वागत पारंपरिक नगाड़ों के साथ हुआ। माथे पर तिलक लगाया गया और बेहद लजीज़ नारियल पानी सर्व किया गया। वेम्बनाड झील के शानदार तट पर बसा यह 5-सितारा लग्जरी हेरिटेज रिसॉर्ट केरल में भारत के सबसे शानदार हॉलिडे डेस्टिनेशन में से एक है। यहां का शांत बैकवाटर और हरियाली से भरे नज़ारे आँखों को सुकून देते हैं। यहां खूबसूरती से सजे और करीने से डिज़ाइन किए गएआलीशान कमरे, विला और कॉटेजेस का कलेक्शन है। 


यहां हमारे बजट के एतबार से शानदार लैगून के सामने वाले कमरे या फिर निजी पूल वाले आलीशान विला के ऑप्शन मौजूद हैं। बात करने पर पता चला कि यहां 18 जूरी रूम्स, 16 डीलक्स रूम्स, 28 कॉटेज और 10 प्रेसिडेंशियल पूल विला हैं, यानी कुल मिलाकर 72 रूम्स हैं।


मैंने जूरी रूम लिया था, जिसमें कमरे के साथ आने वाले खूबसूरत निजी बरामदे से ब्लू लैगून के शांत पानी में सुनहरे सूर्योदय को देखते हुए सुगंधित चाय के कप का मज़ा लेना ऐसे यादगार पल में से एक हैं जो कि हमेशा ज़हन में रहने वाले हैं। रिसोर्ट में स्थित माया स्पा में अपने मन, शरीर और आत्मा को तरोताज़ा किया जा सकता है! मानसिक स्वास्थ्य से लेकर एंटी-एजिंग और रेजूवेनेशन तक के लिए आयुर्वेद ट्रीटमेंट का फायदा उठा सकते हैं।


यहां ऐसी कुदरती खूबसूरती बिखरी पड़ी है जो आपका मन मोह लेगी। ऐसे नज़ारों के लिए शारिक़ बल्यावी कहते हैं कि 

हर तरफ़ दावत-ए-नज़ारा है
चश्म-ए-हैरां किधर-किधर देखे


और शकील बदायूंनी कहते हैं कि 

कोई दिलकश नज़ारा हो, कोई दिलचस्प मंज़र हो
तबीअत ख़ुद बहल जाती है, बहलाई नहीं जाती


ब्लू लगून के शांत पानी और कुदरती हरियाली का मिलन ही वो करिश्मा पैदा करता है कि पूरी दुनिया से लोग यहां खींचे चले आते हैं। इस कुदरती खूबसूरती पर दा जूरी के लगजुरियस इंतजाम चार चांद लगा देते हैं। आपको अहसास ही नहीं होता है कि आप वाकई अपनी आंखों से यह चमत्कार देख रहे हैं या फिर कोई ख्वाब देख रहे हैं।


शाम को यहां क्लासिकल प्रोग्राम्स का भी इंतजाम रहता है। यकीन मानिए, इसकी भव्यता और लाइटिंग का कॉम्बिनेशन आपको एक अलग ही अहसास कराएगा। हालांकि हमने अपने ग्रुप के साथ डिनर से पहले चल करने के लिए ऑर्केस्ट्रा के साथ डांस का इंतजाम करवाया था। 


रात के अंधेरे में झील के किनारे की गई लाइटिंग को निहारते हुए इवनिंग वॉक करना भी बेहद अद्भुत है। यहां आए हैं तो हर पल को जीना है, हर मौके का लुत्फ उठाना है, यह सबक अगर सीख लिया तभी आप अपने सफर को कामयाब कर पाएंगे। क्योंकि पता नहीं प्रकृति से यह सीधा साक्षात्कार यानी नेचर से यूं रूबरू होना फिर दुबारा कब मयस्सर हो, इसलिए किसी भी पल को गंवाना नहीं है, हर एक मौके को अपने स्मृति पटल यानि मेमोरी बोर्ड पर कैद करते रहिए। 


सुबह उठने पर देखा कि तो बाहर हल्की हल्की बारिश हो रही है, मैने थोड़ी देर अपने कमरे से बाहर के नज़ारों का लुत्फ उठाया और फिर दरवाज़ा खोलकर बाहर आकर बैठ गया। यहां की शाम जितनी रंगीन थी, सुबह भी उतनी ही दिलकश है। सामने ब्लू लगून वेम्बनाड झील को निहारना बेहद सुकून देता है, यहां पर घंटों बैठा जा सकता है। पर हमने बोटिंग के लिए जाना था, जिसके लिए रिसेप्शन से फोन आ गया। हम रिसेप्शन पर पहुंचे हैं तो फिर से हमारा स्वागत केरल के ट्रेडिशनल ड्रम के साथ किया गया, हमारी टीम के साथी भी उसकी धुनों पर नाचने लगे।


यहां हाउस बोट का भी इंतजाम है, पर हमने रोमांचक स्पीड बोट को चुना है। सबसे पहले हम फिशिंग पॉइंट पर गए और उसके बाद कोकोनट ट्री से तोड़ी तोड़ते हुए देखने का प्लान बनाया गया। यहां स्थानीय मछुआरे फिशिंग के लिए नीचे झील के पानी के अंदर जाते हैं, यह मछली पकड़ने का यहां का ट्रेडिशनल तरीका है।


राइस फील्ड: इस मैन मेड झील के बीच में बचे हिस्से पर चावल की खेती की जाती है, इस हिस्से के दोनों तरफ झील का पानी भरा पड़ा है, इसलिए यहां राइस फार्मिंग बेहद फायदे का सौदा है।


तोड़ी: फिर हम तोड़ी के प्रोसेस को देखने के लिए गए, नारियल के गुच्छों को काटकर निकाले गए तोड़ी के रस को दो तरह से यूज़ किया जा सकता है। तोड़ी के नाम से मशहूर इसका अल्कोहलिक वर्जन हल्का नशीला होता है। जबकि नॉन अल्कोहलिक वर्जन को नीरा कहते हैं, जो कि नारियल से निकलने वाला अन फर्मेंटेड रस है जिसे अक्सर स्वीट तोड़ी भी कहा जाता है। यह नारियल के एमेच्योर इन-फ्लो-रेसेंस से मिलता है। हालांकि इसकी शेल्फ लाइफ 4 या 5 घंटा ही होती है। इसके बाद यह फर्मेंटेड होना शुरू हो जाता है।


तोड़ी निकालने वाले नारियल के पेड़ पर रस्सी बांधकर उसे सीढ़ी की तरह इस्तेमाल करते हैं। तोड़ी के फूल की बंद कलियों को हल्का सा काटा जाता है, मतलब 95% को पेड़ पर ही छोड़ दिया जाता है। इसके बाद कली को फूलने के लिए हथौड़े से पीटा जाता है और रस को इकट्ठा करने के लिए मिट्टी के बर्तन लगाए जाते हैं, जिसमें यह दूधिया रस इकट्ठा होता रहता है। जिसे बाद में नीचे उतार लिया जाता है। जिस रस से तोड़ी बनानी है उसे हल्का सा Fermented होने के लिए छोड़ दिया जाता है। जितना ज़्यादा देर तक यह Fermented होता है, उतनी ही ज्यादा उसमें अल्कोहल बनती जाती है। इसके बाद तोड़ी को कांच की बोतलों में पैक करके लाइसेंस वाली दुकानों में बेचा जाता है। तोड़ी में लगभग 8% अल्कोहल होती है और इसे केरल में प्राकृतिक शराब और हेल्थी ड्रिंक माना जाता है।


यहां से हम वापिस जा जाते हुए रास्ते में एक जगह रुककर हमने लंच किया और फिर वहां से वापिस रिजॉर्ट के लिए निकल गए। बोट से उतरने पर ट्रेडिशनल ड्रम के साथ टीम तैयार थी, पर इस बार हमारे ग्रुप ने जिनसे ड्रम लेकर अपने हाथ अज़माना शुरू कर दिया। काफी थक गए थे, इसलिए रूम पर जाकर आराम करने का प्लान बनाया गया, शाम का प्लान स्नेक बोट में जाने का था, पर अब वो कल सुबह घर वापिसी से पहले का प्लान बनाया गया है।


स्नेक बोट: ओणम फेस्टिवल पर होने वाली स्नेक बोट रेस के बारे में आपने ज़रूर सुना होगा, सुबह-सुबह  सेंक बोट रेस में हिस्सा लिया और उसके बाद फिर वापिस दिल्ली के निकल गए।

केरल अपने मसालों के लिए बहुत मशहूर है, अगर आप केरल घूमने आए हैं तो वापसी में यहां के शुद्ध और ताज़ा मसाले साथ के जाना नहीं भूलें और यह भी याद रखना है कि मसालों के चेक इन बैगेज में ही पैक करें, बहुत से मसालों को हैंड केरी में ले जाना अलाउड नहीं होता है।

तो आज के लिए इतना ही, एक नए सफर के साथ जल्द ही मिलते हैं!



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