भूकंप की अफवाह!

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  • Shah Nawaz
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  • कल रात भर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा तथा आस-पास के क्षेत्रों में भूकंप की ज़बरदस्त अफवाह उडती रही. डर का आलम यह था कि इन क्षेत्रों के सभी निवासी रातभर अपने-अपने घरों से बाहर रहे और भूकंप के संभावित खतरे की खबर अपने जान-पहचान के लोगो तक पहुँचाने में लगे रहे. हम अपने घर पर सोये हुए थे, तभी रात को 2 बजे की आस-पास आए एक फ़ोन ने नींद उड़ा दी. उधर से बताया गया कि 3.30 पर भूकंप आने वाला है. अब एक ब्लॉगर होने के नाते दिमाग चलाना हमारा कर्तव्य बनता है, सो मैंने श्रीमती जी से कहा कि यार ऐसा कौन है जो भूकंप की पहले ही सूचना पहुंचा रहा है? उठने का बिलकुल मूंड नहीं था, पत्नी बोली "भूकंप आने वाला है और एक आप हैं कि सो रहे हैं, चलिए जल्दी से घर वालों को बताते हैं". इतनी देर में फ़ोन की घंटी लगातार खनखनाने लगी. हर कोई अधिक से अधिक लोगों को आने वाले खतरे के बारे में बताने के लिए आतुर था. पता चला कि पूरा क्षेत्र अपने घरों से बहर निकला हुआ है, धार्मिक स्थलों से लोगों को आगाह करने के लिए लाउडिसपीकर से बताया जा रहा था.

    अब तक नींद तो उड़ ही चुकी थी, इसलिए सोचा ब्लॉग जगत में देखते हैं. देश में सबसे जागरूक ब्लॉगर ही होते हैं! [:-)] लेकिन चिटठा जगत पर एक भी पोस्ट भूकंप से सम्बंधित नहीं थी. जब कुछ नहीं मिला तो नवभारत टाइम्स और आजतक जैसी वेबसाइट खंगाली. यहाँ तक कि गूगल बाबा पर भी खोजने की कोशिश की, भूकंप विभाग की साईट पर भी देखा, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला. अब खीज बढ़ रही थी, सुबह-सुबह ऑफिस के निलना होता है और इस भूकंप के खतरे ने नींद उड़ा दी थी. इसलिए दुबारा वहीँ फ़ोन कर के मालूम किया कि आखिर उन्हें किसने बताया कि भूकंप आने वाला है, लेकिन वहां भी किसी को खबर नहीं थी कि यह खबर आखिर किसने दी. हर कोई यही कह रहा था, कि उनको किसी रिश्तेदार अथवा जान-पहचान वाले  ने बताया और वह स:परिवार डर के मारे घर से बाहर निकल आए.

    अब तक रात के 3.15 बज चुके थे, पत्नी ने कहा परेशान क्यों हो रहे हैं, 3.30 होने वाले हैं, 15 मिनट ही तो इंतज़ार करना है, परिवार के साथ घर के बाहर चलते हैं. मेरे गुस्से का परा चढ़ चूका था, अब 15 मिनट तो क्या एक मिनट भी इंतज़ार नहीं कर सकता था. पत्नी से कहा सो जाओ और स्वयं भी चादर तान कर सो गया. सुबह उठकर देखा कि खुदा का शुक्र है सब-कुछ ठीक-ठाक है. अब तो पत्नी भी मान गई थी कि वाकई यह भूकंप की अफवाह भर थी [:-)]. लेकिन बेचारे मुरादाबाद और आस-पास के क्षेत्र के लोग, रात भर जिस डर से जागते रहे, वह एक झूटी अफवाह भर निकली! क्या मिलता है किसी को अफवाह फैला कर?

    लोगो को भी चाहिए कि अगर कोई खबर पता चले तो सबसे पहले उसकी छानबीन करें तभी दूसरों तक पहुँचाएँ, वर्ना यूँ ही अफवाह फैलती आईं हैं और फैलती रहेंगी.

    - शाहनवाज़ सिद्दीकी



    Keywords: Earthquake, moradabad, rampur, amroha, भूकंप, ज़लज़ला, हाल्ला

    19 comments:

    1. अफवाहों से सावधान मित्र...यही इन्सान की सबसे बड़ी दुश्मन हैं.

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    2. बताईये, रात खराब कर दी।

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    3. अफवाहों से सावधान मित्र.....

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    4. अफवाहों के तो पंख होते हैं न जाने कितनी दूर तक, कहां तक उड़ जाए...पर मुश्किल आम जनता को ही भुगतनी होती है...अफवाह फैलाने वाले यह समझे तभी कुछ हो सकता है

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    5. इतनी बेसब्री से इन्तजार था और नक्चढ़ा आया नहीं ! :)

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    6. कुछ अच्छा हों ऐसी अफवाह फैलती है .....झूठी अफवाहें सच में न जाने कितने लोगों का जीना मुहाल कर दिते है..... सच में सबको अफवाहों से हमेशा सावधान रहना चाहिए.... बहुत अच्छी जानकारी ... ...धन्यवाद

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    7. Afwahoon pe mat jao apni aqal lagao wali baat durust hai. lekin kya kere insaan maut ka der, afwahoon ko sachch man ne pe majboor ker deta hai...

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    8. यहाँ अंडमान में तो भूकंप पहले आते हैं, पता बाद में चलता है.

      _____________________________
      'पाखी की दुनिया' - बच्चों के ब्लॉगस की चर्चा 'हिंदुस्तान' अख़बार में भी.

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    9. समझ में नहीं आटा ऐसी अफवाह फैला कर किसी को हासिल क्या होता है...ये तो घिनौना मजाक है...
      नीरज

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    10. कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।
      छोडो बेकार की बातों को,कहीं बीत न जाय रैना।

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    11. thik kaha ji afvahon se savdhan rahen.

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    12. डर गया कमबख्त !

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    13. मुझे तो वो खरगोश की 'आसमान गिरा' वाली कहानी याद आ रही है.. :)

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    14. अफवाह बड़ी तेजी से फैलती है यह जल्द ही सहारनपुर मुज़फ्फरनगर और हरिद्वार के इलाके मे भी फैल गई लोग जाग गए और अपने दूसरे संबंधियों को फोन के जरिये उठाने लगे हम भी इस अफवाह काफी देर परेशान रहे और लोगों को समझाते रहे पर लोग थे कि मान ही नही रहे थे जब प्रशासन की तरफ से ऐलान हुआ तो लोगों की जान मे जान आई ।

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    15. भूकंप के समय की इतनी सटीक अग्रिम जानकारी ! नोबल पुरस्कार बांटने वाले ज़रूर भाड़ झोंक रहे हैं वरना मानवता का भला करने वाली इस अतुलनीय तकनीक का दुनिया भर में प्रचार हो जाता :)

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    16. देखा शाहनबाज जी आप जैसे ब्लोगर से तो भूकम्प भी डर गया। वो डर गया कि कहीँ आप ब्लोग पर भूकम्प की पोस्ट ना छाप देँ। लेकिन आप फिर भी नहीँ मानेँ । कयोँकि भूकम्प ब्लोगरो से डरता हैँ । अफबाहोँ की Speed high होती हैँ इनसे जरा बचकर रहा करो। शुभकामनायेँ! -: VISIT MY BLOG :- Mind and body researches......... ब्लोग को पढ़कर अपने अमूल्य विचार व्यक्त करने के लिए आप सादर आमंत्रित हैँ।

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    17. Your post 'vayang kaisi kaisi fitrat' was very entertaing..

      Aur Shah Nawaz ji belated Id Mubarak! dersay hee sahi der aye durust aye.

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